पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती जारी, BJP ने बनाई बढ़त

असम पंचायत चुनाव 2018 के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई है. यहां 26 जिलों के 420 बूथों पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. राज्य में दो चरणों में मतदान हुए थे, पहले चरण के मतदान 5 दिसंबर को हुए थे जिसमें कुल 97,45,709 वोटरों ने 43,515 उम्मीदवारों के लिए मतदान किया था. वहीं दूसरे चरण के मतदान 9 दिसंबर को हुए.

इन चुनावों में 78,571 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में हैं. दो चरणों में संपन्न हुए चुनावों में 80 फीसदी से अधिक मतदान हुए हैं. यहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है. बीते दिनों जिस प्रकार राज्य में NRC का मुद्दा हावी रहा, ऐसे में इस चुनाव तो बीजेपी सरकार के लिए लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है.

पहले चरण की गिनती के रुझानों के अनुसार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 21990 सीटों में से 858 ग्राम पंचायत सदस्य सीटें जीतकर पंचायत चुनावों में आगे है. वहीं कांग्रेस 455 सीटों पर आगे चल रही है. 179 पर असम गण परिषद (एजीपी), 21 पर एआईयूडीएफ और 163 पर अन्य आगे है.

चलिक पंचायत सदस्य (एपीएम) सीटों में से बीजेपी ने 23 सीटें जीत ली हैं और कांग्रेस ने 8 पर जीत हासिल की है. वहीं असम गण परिषद (एजीपी)ने 4, एआईयूडीएफ और अन्य ने एक- एक सीट पर जीत हासिल की है.

राजस्थान में भी वही सवाल

राजस्थान में भी ठीक यही हाल है. यहां भी सचिन पायलट बेशक जीत के बाद मुख्यमंत्री के बड़े दावेदारों में हैं, लेकिन उनकी स्वीकार्यता अशोक गहलोत के मुकाबले कम है. जनाधार के साथ-साथ अनुभव भी मुख्यमंत्री की रेस में गहलोत को पायलट से कहीं आगे खड़ा करता है.

गहलोत या सचिन

अशोक गहलोत बेशक राहुल गांधी का भरोसा जीतकर दिल्ली पहुंच गए हैं, लेकिन राजस्थान में उनकी सर्व स्वीकार्यता उनकी भव्य तरीके से जयपुर वापसी करा सकती है. इधर दोनों के समर्थक पार्टी मुख्यालय के सामने शक्ति प्रदर्शन कर पार्टी हाईकमान पर प्रकारांतर से दबाव भी बना रहे हैं. ऐसे में हाईकमान के सामने जीत के बावजूद कुर्सी किसे सौंपी जाए, इस पर फैसला करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है. 2019 की ‘जंग’ को देखते हुए पार्टी  भी दोनों धड़ों को साधते हुए सीएम का चयन करेगी.

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